आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है | मशीन लर्निंग क्या है | artificial intelligence in hindi -AI

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है (AI)

artificial intelligence in hindi -हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से बना ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जो अपने पास आस पास होने वाले घटनाओं को समझ कर खुद से ही डिसीजन लेने और सीखने की क्षमता रखता हो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहलाता है ,अब तो आप जान गए होंगे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है | इसे मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमता भी कहा जाता है

हाय दोस्तों आप हमारे पोस्ट के टॉपिक से समझ गए होंगे कि आज हम एआई के बारे में बात करेंगे वर्तमान का वक्त और आने वाला वक्त आई पर आधारित होगी जिसमें हम मशीनों को ऐसे प्रोग्राम करेंगे कि वैसा डिसीजन लेंगे जो हमारे लिए अच्छा हो

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिभाषा

ऐसा कंप्यूटर जिसमें सोचने समझने की शक्ति प्रोग्राम की गई हो और जो स्वयं से सीख कर डिसीजन ले सकती है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहलाती है

आप लोगों ने हॉलीवुड की बहुत सारी ऐसी मूवी देखी होंगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होती है जिन्हें देखकर ताज्जुब होता है कि क्या यह रियल है की या फिर फ्यूचर में ऐसी संभावना हो सकती है

तब मैं आपको बताना चाहूंगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारा भविष्य है, जिसकी सहायता से हम अपना सुनहरे भविष्य की कामना कर सकते हैं ,अब आप जान गए होंगे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे काम करती है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मुख्यतः हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोग होता है आमतौर पर हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आजकल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का बना होता है किंतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाकी मशीनों की तुलना में अलग है

 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खुद से किसी चीज के समझने के बारे में जो शक्ति होती है वह वह दूसरे मशीनों से अलग बनाती है

इसके लिए ऐसे उन्नत सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है जो खुद से निर्णय ले सके और इस में उपयोग होने वाले हार्डवेयर सेंसर युक्त होते हैं जो कि अगल बगल में होने वाली एक्विटी को समझने में सॉफ्टवेयर की मदद करते हैं और इसके बेस पर ही सॉफ्टवेयर डिसीजन ले पाता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाने की टेक्नोलॉजी

आपने आरन मैन मूवी को 3डी में देखा होगा एक तरफ से देखा जाए तो आयरन मैन का जो सूट होता है वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड और nano technology वाली होती है

जिसमें वह खुद से ही अपने एनर्जी लेवल मैनेज कर  आयरन मैन को बताती है और बहुत सारे फंक्शन को मैनेज करती है और यह सब फंक्शन सेंसर और सॉफ्टवेयर के कारण हो पाता है,और इस इन सबका कंट्रोल वेब सर्वर द्वारा आयरन मैन के सुपर कंप्यूटर पर होता है जिसको आयरन मैन ने जारविस नाम दिया था यहां पर जारविस ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त सुपर कंप्यूटर था

तो दोस्तों हमने जो आपको उदाहरण दिया उससे आप समझ गए होंगे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है अब हम आपको आगे बताते हैं कि

हार्डवेयर और सेंसर कि -किस प्रकार की जरूरत पड़ती है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मुख्य कंपोनेंट्स मदर बोर्ड होता है जो सभी फंक्शन को मैनेज करता है मदर बोर्ड में  प्रोसेसर लगा होता है जो सॉफ्टवेयर & हार्डवेयर के निर्देश को प्रोसेस करती है

जिसमें मदर बोर्ड द्वारा उसमें उपयोग किए गए सेंसर का डाटा को इनपुट लिया जाता है और इस इनपुट डाटा को सॉफ्टवेयर द्वारा एनालिसिस किया जाता है और जब एनालिसिस हो जाता है तब सॉफ्टवेयर  इसकी आउटपुट के रूप में इंस्ट्रक्शन दिया जाता है, प्रोसेसर द्वारा मदर बोर्ड के बाकी हिस्सों को

 एक तरह से देखा जाए तो हार्डवेयर में उपस्थित सभी प्रकार के चीजें जैसे आईसी,ट्रांजिस्टर, वायर,इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स सभी हार्डवेयर में आते हैं इन सब को कंट्रोल करने के लिए सॉफ्टवेयर उपयोग में किया जाता है जैसे कि आमतौर पर कंप्यूटर में उपयोग होता है

 वैसे एक बात आपको जान लेनी चाहिए की AI आधारित डिवाइस अपने आप में एक कंप्यूटर होता है लेकिन उसकी क्षमता आम कंप्यूटर की तुलना में अधिक होता है हार्डवेयर के बारे में तो आपने जान लिया अब हम बात करेंगे सॉफ्टवेयर के बारे में

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में जो सॉफ्टवेयर उपयोग होता है वह स्पेशल पर्पस के लिए बनाया जाता है इसमें नॉर्मल कंप्यूटर वाले फंक्शन नहीं होते लेकिन एक चीज ध्यान रखने वाली बात होती है कि आप जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त डिवाइस बना रहे हैं यह किस परपस के लिए होगा

क्योंकि AI युक्त डिवाइस कई जगह उपयोग किए जाते हैं और हर बार उनका काम अलग अलग होता है इसी आधार पर ही सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर डिजाइन किए जाते हैं

आमतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उपयोग होने वाला सॉफ्टवेयर को कोडिंग के जरिए बनाया जाता है आजकल सबसे ज्यादा फेमस पाइथन है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित प्रोग्राम का कोडिंग करना आसान होता है और पाइथन स्पेशली रोबोटिक्स प्रोग्रामिंग में ज्यादा काम में लिया जाता है

 जब हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात करते हैं तब यह पूरी तरह रोबोटिक्स आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम होता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहां उपयोग किया जाता है

वैसे तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोई नया नहीं है जब हम मशीन को ऑटोमेटिक तरीके से निर्देश दे दिए होते हैं तब यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित काम करता है

आजकल अधिकांश ऐसे मशीन है हमारे अगल-बगल जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हैं जैसे AI besd सिक्योरिटी सिस्टम,डिफेंस सिस्टम, कार ऑटोपायलट, प्लेन ऑटोपायलट, gps, स्पेस technology आदि

 चलिए इनके बारे में हम एक-एक कर डिटेल से जानते हैं

रोबोट बनाने में

आज जब फास्ट इंटरनेट का जमाना है तब हम चाहते हैं कि हमारे पास कोई ऐसा रोबोट हो जो हमारे दिए गए निर्देशों को दूर से ही पालन करें

इसके अलावा रोबोट द्वारा घरेलू काम करना, ऑफिस में काम करना, होटल इत्यादि मैं काम करना इत्यादि जरूरत के हिसाब से रोबोट बनाया गया है आजकल ऐसे रोबोट का निर्माण किया जा रहा है जो युद्ध में

सिपाही की भूमिका निभाएगा उसको पूरी तरह से vepan टेक्नोलॉजी से लेस कर war एरिया में छोड़ा जा सकता है

 इसके अलावा सामान उठाने और ढोने की रोबोट जो किसी घोड़े जैसी दिखती है जैसे कई प्रकार के रोबोट का निर्माण किया गया है यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित होती हैं

सिक्योरिटी सिस्टम

 आजकल घरों में ऐसे सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है जोकि घर को पूरी तरह सुरक्षित रखते हैं इसमें चोरी होने से बचाना और घर को किसी चीज से नुकसान होने से बचाना भी शामिल है

जैसे कि अलार्म सिस्टम अगर आप घर पर नहीं है और आपने सिक्योरिटी सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है तब यदि कोई चोर कहीं से भी घर पर प्रवेश करता है तब घर पर उपस्थित सेंसर जान जाएंगे कि कोई बाहरी व्यक्ति  है

इसके अलावा फेस रिकॉग्निशन से व्यक्ति की पहचान की जा सकती है जो हमें यह बताएगा कि वह व्यक्ति कैसा दिखता था इसके अलावा सिक्योरिटी सिस्टम अपने अगल-बगल के पुलिस स्टेशन में भी सूचना दे देगा की किसी व्यक्ति द्वारा इल्लीगल तरीके से घर में घुसा गया है तब सूचना पर तत्काल पुलिस वाले वहां पर आ सकते हैं

इसके अलावा आपने देखा होगा फैक्ट्रियों में फायर सिस्टम भी लगा होता है जब किसी स्थान पर कोई वस्तु जल जाती है और उससे बहुत ज्यादा धुआँ उत्पन्न होता है तब स्मोक डिटेकटर द्वारा smoke को महसूस कर लिया जाता है

इसके बाद ट्रेस किया जाता है कि आग कहां लगी है और जिस रूम में आग लगी हो होगा उस रूम पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ दिया जाता है जिससे कि आग और ज्यादा नहीं फैल पाती

ऑटोपायलट

ऑटोपायलट सबसे पहले एरोप्लेन में दिया गया था किंतु इसके बाद बहुत सारे वाहनों में भी ऑटोपायलट का उपयोग किया जाने लगा ऑटोपायलट ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रहा मशीन को खुद से डिसीजन ले लेने के लिए छूट दे दिया जाता है

इसी ऑटो वाला सिस्टम का उपयोग कर पायलट द्वारा हवाई जहाज को stable ऊंचाई पर ले जाकर ऑटो ऑटो पायलट ऑन कर दिया जाता था जिससे कि एआई द्वारा एरोप्लेन का संचालन किया जाता है जब पायलट अन्य कोई जरूरी काम में बिजी हो तब 

इसके अलावा आजकल एलन मस्क की कंपनी टेस्ट ला द्वारा ऑटो पायलट मोड पर आधारित car लाया गया है जोकि रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम पर आधारित है जिस पर इंटरनेट का उपयोग किया जाता है और कार में जीपीएस और सेंसर की सहायता से कार को कंट्रोल किया जाता है ऐसी ऑटोपायलट कार में आप को हैंडल संभालने की जरूरत नहीं होती कार खुद से ही ड्राइवर होती है और खुद से ही डिसीजन ले पाती है

जीपीएस

 जिसको ग्लोबल पोजीशन सिस्टम कहा जाता है आजकल इसका उपयोग बहुत ज्यादा किया जाने लगा है,आमतौर पर जीपीएस का उपयोग मैप द्वारा लोकेशन ढूंढने में किया जाता है और आजकल इसका एडवांस उपयोग किया जाता है

जैसे कि सिटी में आप किसी स्थान पर जा रहे हैं तब आप उस स्थान तक पहुंचने के लिए सबसे छोटा मार्ग ले सकते हैं और यह भी जीपीएससी आपको बताया गया कि कौन सा रोड आपको छोटा पड़ेगा किस रोड पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा है  किस रोड पर ट्रैफिक जाम है यह सब जानकारी आपको जीपीएस से पता चलता है

डिफेंस टेक्नोलॉजी

 डिफेंस टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग आर्मी द्वारा किया जाता है जिसमें अगर इसी स्थान पर मिसाइलों द्वारा हमला किया जा रहा हो तब उस एरिया में डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट किया जाता है जिससे कि कोई हमला करने वाली मिसाइल को आसमान में ही ध्वस्त किया जाता है

जिससे कि जहां पर वह गिरने वाली थी वह एरिया सुरक्षित रहे और जान मान जान माल का नुकसान ना हो आपने इजराइल के डिफेंस सिस्टम आयरन डोम के बारे में सुना होगा जो कि एक एआई आधारित डिफेंस सिस्टम है

स्पेस टेक्नोलॉजी

आजकल अंतरिक्ष की दुनिया में होड़ मच गई है जिसमें सभी देशों के बीच में आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है

कि वे सबसे लंबी दूरी तक जाने वाली रॉकेट का निर्माण करें, लोग  मंगल  जैसे ग्रहों तक जाने के बारे में सोच रहे हैं और चले भी गए हैं

 इसी स्पेस टेक्नोलॉजी में आजकल एआई का बहुत ज्यादा उपयोग किया जा रहा है क्योंकि जब रॉकेट दूसरे ग्रह पर उपस्थित होती है तब रॉकेट में उपस्थित रोबोट- एआई टेक्नोलॉजी का ही उपयोग करते हैं

 जिसमें वह वहां की जमीन पर चलना उड़ना, ग्रह की कक्षाओं पर प्रवेश करना जैसे कार्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा ही किया जाता है क्योंकि उस वक्त इंसान द्वारा सिर्फ उनके कामों को पृथ्वी से देखा जा सकता है और कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है

बाकी का सभी काम उनके ऑटोमेटिक तरीके से किया जाते हैं इस प्रकार की सभी डिवाइस में उच्च क्षमता युक्त कंप्यूटर लगाए जाते हैं जोकि विषम परिस्थिति में डिसीजन ले पाते हैं

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या होता है

जैसे कि हमने इस पोस्ट में आपको बताया की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस प्रकार इंसानों के काम आ सकती है किस प्रकार उनके कामों को कर सकती है

इसके अलावा हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले मशीनों में Ai उपयोग होने लगे हैं,जिससे कि हमारे कई सारे काम संभव हो पाते हैं एक तरह से देखा जाए तो मशीनों के प्रति हमारी निर्भरता दिनों दिन बढ़ती जा रही है हम छोटे-छोटे कामों के लिए मशीनों पर निर्भर होते जा रहे हैं अब देखना यह होगा कि आने वाले वक्त में हम मशीनों पर किस हद तक डिपेंड रहेंगे

हमारा जो पोस्ट है,यह पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में था जिसमें हमने आपको बताने की कोशिश की थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या होता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे काम करता है इसके अलावा इस टॉपिक से रिलेटेड आप अन्य प्रकार के क्वेश्चन भी हमसे पूछ सकते हैं हम उसका उत्तर देने की कोशिश करेंगे

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