कोलाइड क्या है | Colloid

कोलाइड क्या है

कोलाइड मिश्रण तथा निलंबन की बीच की अवस्थाएं है, कोलाइड के कण निलंबन की कण से छोटे होते हैं इसकी वजह से यह विषमांगी होते हुए भी समांगी प्रतीत होता है

कोलायत की निम्न विशेषता है

  • कोलाइड की कण इतने छोटे होते हैं कि नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता
  •  किसी बर्तन पर रखने पर यह तली पर नहीं बैठते और ना ही इसे छाना  जा सकता है
  • कोलाइड को अपकेंद्रीय बल लगाकर अलग किया जा सकता है जिस प्रकार घरों में दही को मथनी से या मिक्सर से घुमाकर मक्खन निकाला जाता है
  • इसके कण प्रकाश की किरण को आसानी से फैला देते हैं इसकी वजह से प्रकाश का किरण मार्ग दिखाई देता है यह घटना टिंडल प्रभाव कहलाता है इसकी खोज जान टिंडल नामक व्यक्ति ने की थी, अंधेरी रूम पर ऊपर से प्रकाश आने पर प्रकाश के मार्ग पर छोटे-छोटे कण दिखाई देना टिंडल प्रभाव के कारण है
  • कोलाइड में विलेय के कणो पर विलायक की कण द्वारा असमित प्रकार से बल डाला जाता है जिस कारण कणो की गति अनियमित हो जाती है जिसे ब्राउनियन गति कहा जाता है

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