प्रसिद्ध कंप्यूटर वायरस के नाम

कुछ प्रसिद्ध कंप्यूटर वायरस के नाम

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कि इस जग (world )में जब हम अपने सभी का काम कंप्यूटर मोबाइल और इंटरनेट के साथ करते हैं तब हमें सबसे ज्यादा खतरा होता है वायरस और हैकर्स का

 आज हम आपको कुछ प्रसिद्ध कंप्यूटर वायरस के बारे में बताइए जिससे आप अपने कंप्यूटर को सुरक्षित रख पाएंगे

इससे पहले हमने अपने एक पोस्ट में कंप्यूटर वायरस क्या है के बारे में पूरी जानकारी दी है आप इसे पढ़ कंप्यूटर वायरस के बारे में जादा जान पाएंगे

कंप्यूटर वायरस के नाम

माइकल एंजीलो

इसे वायरस की दुनिया में सबसे कुख्यात कंप्यूटर वायरस के नाम से जाना जाता है इसका नाम माइकल एंजेलो नाम, माइकल एंजेलो की जन्मदिन पर पता लगने की वजह से पड़ा जोकि 6 मार्च 1991 को पड़ता है

और इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह 6 मार्च को ही एक्टिव होकर कंप्यूटर में अपना प्रभाव दिखाता था जिससे कि पूरी दुनिया में 6 मार्च को लोग आशंकित रहते थे

Disk washer

Disk washer वायरस की जानकारी 1998 आसपास में भारत में पता लगा इस वायरस की मुख्य विशेषता की थी कि यह हार्ड डिस्क में घुसकर डिस्क को पूरी तरह तबाह कर देता है

और जब कोई हार्ड डिस्क को फॉर्मेट करता था तब एक मैसेज मॉनिटर पर show होता था जो लिखा होता था ” फ्रॉम डिस्क वासर  विथ लव “

लेकिन इसके बाद एंटीवायरस में इसके डेटाबेस को अपडेट कर कंप्यूटर को सुरक्षित रखा गया था

C Brain कंप्यूटर वायरस

इसके बारे में कहा जाता है कि इसे पाकिस्तान में दो भाइयों ने  1986 में बनाया था,उनका उद्देश्य था कि कंप्यूटर में वायरस फैला कर एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की बिक्री को बढ़ाना

खैर यह जानकारी कितनी सच्ची है यह हमें नहीं पता लेकिन सी ब्रेन कंप्यूटर वायरस बहुत ज्यादा खतरनाक होता है जब कंप्यूटर बूट होता था तब यह यह वायरस फैलता था,

इस कारण  इस वायरस को बूट सेक्टर वायरस कहा गया

इसकी वजह से दुनिया में हजारों कंप्यूटर खराब हो गए

Macmag

इस कंप्यूटर वायरस को एप्पल की मैक ऑपरेटिंग सिस्टम  वाले कंप्यूटर के लिए बनाया गया था यह मॉनिटर पर शांति का संदेश देकर चला जाता था

 देखा जाए तो इससे ज्यादा कोई प्रॉब्लम तो नहीं हुई किंतु इसकी वजह से लोग दहशत में आ जाते थे

रिचर्ड ब्रांडो को कंप्यूटर वायरस का जन्मदाता कहा जाता है इनकी एक पत्रिका का नाम Macmag था और इसी के आधार पर ही उनके वायरस का नाम भी Macmag पड़ा

जेरूसलम कंप्यूटर वायरस

इसकी खोज सर्वप्रथम जेरूसलम में 1987 में हुई,इसकी मुख्य विशेषता थी कि यह सिर्फ शुक्रवार के दिन एक्टिव होकर कंप्यूटर में स्थित फाइल को डिलीट कर देती थी

जिसमें अधिकांश कंप्यूटर की executable फाइल होती थी

कोलंबस कंप्यूटर वायरस

यह पूरी दुनिया में 13 अक्टूबर 1989 को एक्टिव हुआ,यह भी जेरूसलम कंप्यूटर वायरस जैसे ही था यह भी कंप्यूटर के फाइल को खराब करता था

CONCLSION -प्रसिद्ध कंप्यूटर वायरस के नाम

इस पोस्ट में हमने आपको कुछ बहुत जरुरी और प्रसिद्ध कंप्यूटर वायरस के बारे में बताया है जिससे आपको इसके बारे में सभी जानकारी मिल जाएगी

उम्मीद है आपको हमारी ये पोस्ट कुछ प्रसिद्ध कंप्यूटर वायरस के नाम के बारे में जानकारी अच्छी लगी होंगी 

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