संक्षारण क्या है

संक्षारण क्या है

 संक्षारण एक विद्युत रासायनिक क्रिया है जिसमें किसी धातु की सतह के ऊपर ऑक्सीजन नमी और जल के कारण धातु का क्षरण होने लगता है इसे जंक लगना भी कहा जाता है

धातु में जंक लगने के लिए बहुत सारी चीजें निर्भर करती है जिसमें से नमी पानी और कुछ गैस शामिल हैं आपने देखा होगा की हमारे आसपास यदि कोई लोहे का औजार या उपकरण हो और यदि उसमें पालिश ना लगा हो तब वह धीरे-धीरे लाल रंग का होने लगता है और उसकी ऊपरी सतह खराब होने लगती है और धीरे-धीरे उसका आकार कम होने लगता है लोहे में इस प्रकार का घटना संक्षारण कहलाता है संक्षारण को हिंदी में जंक लगना भी कहा जाता है

 संक्षारण की उदाहरण

लोहे में जंग लगना

 चांदी की सतह का काला दिखना

कासे और ताँबे के ऊपर हरे रंग का परत दिखना

संक्षारण की परिभाषा

जब धातुओं का वायुमंडल की गैस नमी और लवण के साथ  क्रिया कर अवांछित यौगिक में बदलना संक्षारण कहलाता है

जंक लगने का विद्युत रासायनिक सिद्धांत

जब किसी लोहे की सतह पर जंग लग जाता है तब  अशुद्ध लोहे की सतह विद्युत रासायनिक सेल की समान काम करती है इस प्रकार की सेलों को संक्षारण सेल भी कहा जाता है

इस प्रकार के सेल में एनोड और कैथोड के रूप में शुद्ध लोहा एनोड के रूप में और अशुद्ध लोहा कैथोड के रूप में काम करता है और इसमें विद्युत अपघटन के रूप में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के साथ नमी भी शामिल होती है

Note – समुद्री जल और नमी की उपस्थिति से किसी धातु में संक्षारण बहुत जल्दी होता है इसके अतिरिक्त यदि कोई धातु किसी जगह से मुड़ा हुआ है तब वह मुड़ा हुआ स्थान सबसे ज्यादा जंग से प्रभावित होगा

संक्षारण को प्रभावित करने वाले कारक

 यदि धातु बहुत ज्यादा क्रियाशील होगा तब उस धातु को संक्षारण होने की अधिक संयोग होगा 

किसी धातु में यदि अशुद्धि होगी तब वह धातु बहुत जल्दी है संक्षारण से प्रभावित होगी

यदि वातावरण में नमी और नमक की मात्रा अधिक होगी तब धातु संक्षारण से बहुत जल्दी प्रभावित होगी

धातु कि कोई सतह पर यदि मुड़ाव हो तब उस स्थान पर संक्षारण होने की संभावना अधिक होगी

यदि किसी स्थान पर विद्युत अपघट्य पदार्थ जैसे अम्ल क्षार और नमक हो तब धातु संक्षारण से जल्दी प्रभावित होगी

यदि किसी धातु पर संक्षारण विरोधी लेप ना लगा हो तब वह धातु में बहुत जल्दी संक्षारण हो सकती है

संक्षारण से बचाव के उपाय
  • किसी धातु को संक्षारण से बचाने के लिए किसी प्रकार का पेंट लगाना चाहिए जिससे कि उसकी बाहरी आवरण वायुमंडल के संपर्क में ना आए इसके लिए वार्निश,ग्रीस जैसे पदार्थ लगा सकते हैं
  • कोशिश करना चाहिए कि धातु में अशुद्धि ना के बराबर हो जिससे कि संक्षारण से बचा जा सके
  • किस धातु को संक्षारण से बचाने के लिए उस धातु के ऊपर ज्यादा सक्रिय धातु की परत का लेप लगाना चाहिए लोहे में इसी गेलवेनाइजेशन कहा जाता है इसमें लोहे के ऊपर Zn का परत लगाया जाता है
  • जब किसी लोहे के पाइप को जमीन पर गाड़ा जाता है उसके साथ में उससे ज्यादा सक्रिय धातु जैसे Zn या Mg को जोड़ दिया जाता है जिससे कि वह सक्रिय धातु में संक्षारण पहले होता है और लोहा बच जाता है
  • धातु को जंग से बचाने के लिए जंकरोधी विलियन लगाया जाता है जिसमें छारीयफास्फेट और छारीय क्रोमेटं विलियन का उपयोग होता है, जिससे लोहे में जंक नहीं लग पाता
  • लोहे में जंग लगना संक्षारण का उत्तम उदाहरण है
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