रसारोहण किसे कहते हैं | ascent of sap

रसारोहण किसे कहते हैं ( ascent of sap )

पौधे अपने जड़ की सहायता से जब भूमि से जल के साथ विभिन्न प्रकार के खनिज पदार्थ और दूसरे आवश्यक पदार्थ को अपने अंदर खींचती है तब इस प्रकार की प्रक्रिया को रसारोहण कहा जाता है

देखा जाए तो यह ट्रांसपोर्टेशन का एक कारण है जिसमें भूमि के अंदर स्थित जड़े द्वारा पेड़ पौधों के लिए आवश्यक खनिज पदार्थ और खनिज लवणों का अवशोषण कर भूमि के निचले स्थान से पेड़ पौधों के तनो और पत्तों तक पहुंचाने का कार्य रसारोहण प्रक्रिया के द्वारा किया जाता है

रसारोहण प्रक्रिया में पेड़ मे उपस्थित जाइलम और फ्लोएम के द्वारा रसारोहण का कार्य किया जाता है ,आइए जानते हैं कि रसारोहण क्या है और रसारोहण कैसे होता है

रसारोहण की परिभाषा

पेड़ पौधों में उपस्थित  जाइलम नामक  संरचना की सहायता से पेड़ पौधों में रसारोहण किया जाता है रसारोहण वह प्रक्रिया है जिसमें जाइलम कोशिकाओं द्वारा भूमि में उपस्थित खनिज लवणों को गुरुत्वाकर्षण के विपरीत पेड़ पौधों के तनो और शाखाओं तक पहुंचाया जाता है

जाइलम के द्वारा सिर्फ जल का परिवहन नहीं किया जाता बल्कि जल उपस्थित घुले हुए खनिज लवण और दूसरे उपयोगी पदार्थ को xylem sap कहा जाता है

जाइलम ऊतक द्वारा जब भूमि के अंदर से जल मैं घुले हुए  विलेय पदार्थ को अवसोषित किया जाता है तब गुरुत्वाकर्षण की विपरीत दिशा में ऊपर चढ़ाते हुए जलीय विलय  पदार्थों को सभी शाखाओं तनो और पत्तों तक भेजा जाता है

रसारोहण के सिद्धांत 

रसारोहण जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई वैज्ञानिकों द्वारा सिद्धांत प्रस्तुत किए गए हैं इन सिद्धांतों को पढ़कर ही रसारोहण की क्रियाविधि समझा जा सकता है

  • जैव वाद   (   vital theories )
  • मूलदाब वाद  ( root theories  )
  • भौतिक वाद  (  physical theories )

आइए इन सब के बारे में एक एक कर विस्तार से जानते हैं

जैव वाद   (   vital theories )

इस बात के अनुसार रसारोहण प्रक्रिया जीवित कोशिकाओं द्वारा होता है

वेस्टर मेयर का सिद्धांत- इनके अनुसार जालम पैरेंकाइमा की जैविक क्रियाओं के कारण इसमें वाहिकाओं में दाब उत्पन्न होता है तथा यह जल संग्रहण के काम करना प्रारंभ करते हैं

रिले पंप सिद्धांत सिद्धांत के अनुसार जाइलम पैरेंकाइमा और मेडुलेरी रे की जीवित कोशिकाओं में परासरण दाब उत्पन्न हो जाता है जिसकी वजह से जल पंप की क्रिया प्रारंभ हो जाती है

बोस का स्पंदन वाद- इसे सर जेसी बोस द्वारा 1923 में प्रतिपादित किया गया इसके अनुसार जल का रसारोहण पेड़ पौधों में उपस्थित cortex की भीतरी कोशिकाओं में स्पंदन गति के करण होता है

 मूलदाब वाद  ( root theories  )

मूल दाब के के बारे में एक वैज्ञानिक  प्रिस्टले ने सर्वप्रथम बताया कि यदि हम तने के किसी भाग को मृदा स्तर पर काट देते हैं तब अंदर का रस बाहर आ जाता है इस क्रिया को रस स्त्रवण कहते हैं उन्होंने बताया कि रस स्त्रवण का मुख्य कारण जड़ तंत्र में हाइड्रोस्टेटिक प्रेशर है इस प्रेशर के कारण ही जड़ों से होते हुए रस पौधों की विभिन्न भाग तक पहुंचता है

भौतिक वाद  (  physical theories )

भौतिकवाद के अनुसार से रशारोहन प्रक्रिया किसी भी स्थिति में एक जीवित कोशिकाओं और उसके अन्य सहायक अंग द्वारा संभव नहीं है इसके लिए भौतिकवाद में फिजिकल बल का उपयोग किया जाता है इसके अनुसार से कई मत है जिनको हम एक-एक कर जानते है

बोह्मम का केशी कत्व वाद –

बोह्मम के अनुसार xylem मे उपस्थित वाहिकाएं केशीका नलिका की भांति क्रियान्वित होती हैं जिसके कारण केशीका बल उत्पन्न होती है और जल को ऊपर चढ़ाती है

अंतः चुषण दाब – स्नेक्स ने इसके बारे में बताया कि जाइलम कोशिकाओं में पाई जाने वाली कोशिका भित्ति अंतः शोषण शोषण का काम करती है जिसके कारण और उसमें घुलित पदार्थों उपर चढ़ते हैं

किंतु बाद में यह सिद्ध हुआ कि रसारोहण प्रक्रिया भित्तियों द्वारा ना होकर xylemके  lumen द्वारा होता है

जेमीन श्रृंखला सिद्धांत- सिद्धांत के अनुसार है पौधों के अंदर उपस्थित वायु के सभी बुलबुले एकान्तरिक प्रकार का व्यवहार दर्शाते हैं और जब इसके अंदर वायु का प्रसार होता है तब बुलबुले ऊपर की ओर चढ़ते हैं और साथ में जल को भी ले जाते हैं

पानी का ससंजन और वाष्पोत्सर्जन खिंचाव सिद्धांत

ससंजन खिंचाव सिद्धांत

जल का जल के मध्य ससंजक बल पाया जाता है और जब पेड़ पौधों की xylem में उपस्थित जल के साथ भी ससंजक बल स्थापित हो जाता है जिसकी वजह से पृष्ठ तनाव और कैपिलरी क्रिया करती हुई जल ऊपर की ओर बढ़ती है

वाष्पोत्सर्जन खिंचाव सिद्धांत

इसकी अनुसार पौधों में वाष्पोत्सर्जन मुख्य कारण है पेड़ पौधों में पाए जाने वाला मिशोफिल संरचना के द्वारा जल का वास्प के रूप में उत्सर्जन होता है जिससे कोशिकाओं में DPD बढ़ जाती है DPD मांग में वृद्धि के करण मिशोफिल की रचनाएं दोबारा पानी का अवशोषण करना प्रारंभ करती है जिससे पानी का खिंचाव होना प्रारंभ हो जाता है

Conclusion – रसारोहण किसे कहते हैं

दोस्तों हम इस पोस्ट पर आपको बताने की कोशिश की है कि रसारोहण क्या होता है और किस प्रकार रसारोहण की क्रिया संपन्न होती है प्रत्येक पौधों में भूमि के अंदर से जड़ों द्वारा जल के साथ अन्य खनिज पदार्थ विलेय अवस्था में पेड़ पौधों की गुरुत्वाकर्षण के विपरीत ऊपर शाखा और तनों तक जाइलम और उससे संबंधित वाहिकाओं द्वारा रस का प्रवाह किया जाता है रसारोहण की प्रक्रिया में कई  सिद्धांत दिए गए हैं जिस पर हमने विस्तार से चर्चा की है जिसमें हमने आपको बताया कि इसके लिए तीन प्रकार की मुख्य रूप से सिद्धांत पालन की जाती है जिसमें  मूलदाब,जैव वाद और भौतिकवाद है

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