नवीनीकरण ऊर्जा क्या है | नवीनीकरण ऊर्जा के प्रकार

दोस्तों स्वागत है आपका हमारे वेबसाइट vigyantk.com पर दोस्तों आज हम आपको बताएँगे की  नवीनीकरण ऊर्जा क्या है और  नवीनीकरण ऊर्जा  के प्रकार क्या है

जब बात होती है ऊर्जा और उसके उत्पादन के बारे मे तब हम अक्सर उस प्रकार की ऊर्जा की कल्पना करने लगते हैं जिसको बनाने मे बहोत कम वक्त लगे और जो पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हो तब बात आती है renevebal energy के बारे मे चलिए

आपको बताते हैं की (नवीनीकरण ) renevebal energy kya hai और इसकी इतनी जरूरत क्यों हैं

नवीनीकरण ऊर्जा क्या है

दोस्तों आज कल हम ऐसे ईंधन का उपयोग कर रहे है जो पृथ्वी में सिमित मात्रा में है इसको हम जीवस्म ईंधन कहते है जीवस्म ईंधन समाप्त हो जाने के बाद उसे  दोबारा बनाया नही जा सकता इसी आधार पर नवीनीकरण ऊर्जा की सोच पैदा हुआ इस आधार पर नवीनीकरण ऊर्जा  वह है  जो असीमित मात्रा में है और इसके उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण नही होता और जिसको बहुत जल्दी बनाया जा सकता है

इसलिए इसे renevebal energy कहा गया है

नवीनीकरण ऊर्जा की परिभाषा

वह ऊर्जा जो पर्यावरण के अनुकूल हो एवं  काफ़ी लम्बे वक्त तक उपयोग की जा सकती है एवं इसके उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण नही होता है , साथ ही इसको आसानी से प्राप्त भी किया जा सके 

नवीनीकरण ऊर्जा के प्रकार

दोस्तों हमने जाना की नवीनीकरण ऊर्जा क्या है |अब हम   नवीनीकरण ऊर्जा के प्रकार के बारे में बात करेंगे जानेंगे की  ,नवीनीकरण ऊर्जा में क्या शामिल है

दोस्तों नवीनीकरण ऊर्जा में

1 सूर्य की ऊर्जा

2 जैव ऊर्जा

3 पवन ऊर्जा

4 भू तापिय ऊर्जा ( geothermal energy )

5 महासागरीय तापिय  ऊर्जा ( ocean thermal energy )

6 ज्वारीय ऊर्जा

7 जलीय ऊर्जा  ( hydro power )

1 सूर्य की ऊर्जा –

जैसे की दोस्तो आप सभी जानते हो की सूर्य ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत है और यह बहुत लम्बे वक्त तक हमें मिलने वाली है, सूर्य में ऊर्जा का उत्पन्न  होना helium और hydrogen का नाभिकीय संलयन है चलिए जानते है सूर्य की ऊर्जा का उपयोग कहा कहा किया जाता है

सौर पैनल के रूप में

सूर्य से हम तक रोशनी पहुंचने में लगभग 8 मिनट का वक्त लगता है

सूर्य की ऊर्जा का उपयोग  सौर पैनल से ऊर्जा उत्पन्न करने में किया जाता है जिससे बिजली उत्पन्न किया , आज  सौर पैनल का उपयोग बिजली उत्पादन में किया जाता है

आज कल कई सरकारी ऑफिस और घरो में सोलर पैनल लगे होते हैं, इस प्रकार यह कोयले के उपयोग को कम करता हैं कोयले के उपयोग से  fly aish का निर्माण होता है जिससे air polution होता है 

सोलर  कुकर

का उपयोग खाना बनाने में किया जाता जिसमे सूर्य ऊर्जा को सीसे की सहायता से खाने के डिब्बे में डाला जाता है, इसकी सहायता से डाल और चावल आसानी से बनाया जाता है,

सोलर  कुकर से खाना बनाने के लिए बस सूर्य प्रकाश होना बहुत जरुरी है

सोलर हीटर

सूर्य की ऊर्जा का यह अच्छा उपयोग है इसमें सूर्य की तापमान का उपयोग कर पानी गर्म किया जाता है, सोलर हीटर  की वजह से जीवस्म ईंधन का बर्बादी नही होती एवं पर्यावरण प्रदूषण नही होता 

2 जैव ऊर्जा

आज के इस आधुनिक वक्त में जीवस्म ईंधन का खनन और दोहन बहुत महगा पड़ता है इसके अलावा अलावा पर्यावरण प्रदूषण  भी एक मुख्य मुद्दा है

इसका उपाय जैव ऊर्जा है (जैव ईंधन क्या है) जो हमें animal और plant fat से प्राप्त होता है जो ट्रांसफरिफिकेशन के फलस्वरूप हमें मिलता है जैव ऊर्जा में मुख्यतः animal fat, गन्ने की भूसी, घास, लकड़ी के तने का उपयोग किया जाता है

ट्रांसफरिफिकेशन की सहायता से biofuel और biodisel बनता है जिसका उपयोग मोटर गाड़ी चलाने में किया जाता है ,

जैव ईंधन के उपयोग से जीवस्म ईंधन का उपयोग कम किया जाता है जो pollution को control करती है और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है

3 पवन ऊर्जा

नवीनीकरण ऊर्जा का अच्छा उदाहरण है, पृथ्वी में हर जगह हवा की मौजूदगी है  किन्तु पवन ऊर्जा के लिए  एक निश्चित speed चाहिए जो को 9-15 km प्रति घंटा की speed होनी चाहिए

पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए पवन चक्की का उपयोग किया जाता है

इसके लिए पवन चक्की को ऐसे मैदानी जगह मे उपयोग किया जाता है

जहाँ  हवा की स्पीड अच्छी हो जिससे उसके ब्लेंड घूम सके और उसके घूमने से इलेक्ट्रिक ऊर्जा प्राप्त किया जाता है

4 भू तापिय ऊर्जा ( geothermal energy )

भू तापिय ऊर्जा की सहायता से बिजली उत्पन्न किया जाता है इसके अलावा पानी गर्म करना और ठंडे एरिया में घर को गर्म रखने में  उपयोग किया जाता है

Earth मे ऐसी जगह पाई जाती है जहां पर भूतापीय ऊर्जा पाया जाता है, जैसे छत्तीसगढ़ के तातापानी और लद्दाख के मणिकरण में भूतापीय ऊर्जा का उपयोग ऊर्जा बनाने में क्या जाता है जिसमें भाप का उपयोग turbine चलाने के लिए किया जाता है

5 महासागरीय तापिय  ऊर्जा ( ocean thermal energy)

महासागर के अताह जलरासी मे प्रत्येक level मे तापमान ( THERMAMETER KYA HAI ) मे अंतर पाया जाता है और यह अंतर ऊपर से निचे जाने पर  तापमान कम होने लगता है और यही तापान्तर अधिक से कम की ओर वाले ताप का उपयोग से बिजली उत्पन्न किया जाता है 

6 ज्वारीय ऊर्जा

समुद्र मे ज्वार भाटा जब आते हैं तब जल की गतिज ऊर्जा का उपयोग कर turbine चलाया जाता है

इसके लिए जब पानी तट मे आता है तब पानी को store कर लिया जाता और वक्त आने पर पानी को छोड़ दिया जाता है इस प्रकार पानी के  आते जाते turbine चलाकर dynemo से बिजली उत्पन्न किया जाता है

7 hydro power ( जलीय ऊर्जा )

हमारे देश मे नदियो की कोई कमी नही है इसके अलावा बड़े बड़े dam भी बनाये गये है जहाँ पर जल की गतिज ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा मे बदला जाता है इसके बाद इस स्थितिज ऊर्जा का उपयोग turbine को चलाने मे किया जाता है जिससे बिजली उत्पन्न किया जाता है 

अन्य भी पढ़े>

Share this

Leave a Comment

Don`t copy text!