Red data book क्या है | Red data book का इतिहास | CR,EN,LC,NT,VU

Red data book क्या है-रेड डाटा बुक iucn द्वारा प्रकाशित किया जाता है जिसमें उन जीवो जंतु और पेड़ पौधे के बारे में लिखा होता है जिन जीवो की जनसंख्या धीरे धीरे कम हो रही हो और आईयूसीएन को लगता है कि इनकी जनसंख्या खतरे की स्थिति में आ चुकी है इसके अतिरिक्त उन जीवों के बारे में भी लिखा जाता है जो अब पृथ्वी से पूरी तरह समाप्त हो चुकी है

Red data book क्या है

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर और  द स्पीसीस सर्वाइवल कमीशन के द्वारा पूरे विश्व में उपस्थित जीव जंतु और पेड़ पौधों की सभी प्रकार की प्रजातियों के बारे में पूरी जानकारी डाटाबेस बनाया गया है इसी के आधार पर ही यह देखा जाता है कि किस जाति की जनसंख्या खतरे की स्थिति में है और यह भी देखा जाता है कि कितने प्रजातियों की संख्या पृथ्वी से पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है

इन सब की जानकारी को एक बुक में पब्लिक कराया जाता है जिस रेड डाटा बुक कहा जाता है इस लाल किताब में पूरी दुनिया में उपस्थित खतरे वाली जीव जंतुओं का रिकॉर्ड रखा जाता है जिसमें यह देखा जाता है कि किस-किस प्रकार की  जीव जंतु खतरे की स्थिति में है या खतरे की स्थिति में भविष्य में आ  सकते है  इस आधार पर सभी जीव जंतुओं का रिकॉर्ड बनाया जाता है इस बुक में खतरे वाले स्थिति के आधार पर जीवो को 9 भागो में विभाजित किया गया है

Red data book पब्लिश करने का उद्देश्य क्या है

इनका मुख्य उद्देश्य होता है कि पृथ्वी में सभी प्रकार की जीव जंतुओं का उपस्थिति रहे और पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता की पर्याप्त भागीदारी जो है इसके लिए जीव जंतुओं

के संरक्षण के लिए इन सीटू और एक्स सीटू जैसे भगवान प्रोग्राम लांच किए गए हैं जिसमें बस फेयर बायोस्फीयर रिजर्व जोन जैसे संरक्षण के तरीके अपनाए जाते हैं

बायोस्फीयर रिजर्व  जैसे तरीके शासन द्वारा अपनाये जाते हैं जिसके अंतर्गत पादप कवक और जीव-जंतुओं की अनुवांशिक विविधता तथा परितंत्र की क्रियाशीलता को बनाए रखने के लिए संरक्षण कार्य किए जाते हैं

Red data book का इतिहास

1964 में स्थापित हुआ, “रेड डेटा बुक” वनस्पति और जीव-प्रजातियों की सूची है जो विलुप्त होने की खतरे में हैं या अत्यंत आपदाग्रस्त हैं। इसका उद्देश्य प्रकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और जीवविविधता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है। यह अंतर्राष्ट्रीय संगठन IUCN द्वारा बनाया गया है और इसका रंग लाल होता है जिसमे खतरे में शामिल सभी प्रजातियों का लिस्ट होता है ।

आईयूसीएन रेड लिस्ट एक महत्वपूर्ण जानकारी स्रोत है जो वनस्पतियों और प्राणियों की संरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। यह सूची जीवविविधता संरक्षण और नीति में बदलाव लाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो हमारे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसमें जीव प्रजातियों के पॉपुलेशन आकार, आवास और विशेषताएं, उपयोग और व्यापार, संरक्षण पहल और उद्यम जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है जो संरक्षण निर्णयों के लिए मदद करती है।

आईयूसीएन रेड लिस्ट का उपयोग सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों, प्रकृतिक संसाधन योजनाकारों, छात्रों, व्यावसायिकों और स्टार्टअप करने वालों द्वारा किया जाता है। यह रेड लिस्ट प्रक्रिया आईयूसीएन ग्लोबल स्टार्टअप प्रोग्राम, साझेदार संगठन और आईयूसीएन लाइफ कमीशन द्वारा शामिल विशेषज्ञों और साझेदार नेटवर्क के सहयोग से किया जाता है।

रेड लिस्ट का उपयोग कैसे किया जाता है

आईयूसीएन रेड लिस्ट में हमें बताया गया है कि प्रकृति के निर्माण खंडों में शामिल होने से बचने के लिए हमें कहाँ और क्या कार्रवाई करनी चाहिए। यह जानकारी हमें विभिन्नता की विविधता को समझने और युवाओं को सही निर्णय लेने के लिए एक सीधा माध्यम प्रदान करती है।

प्रजातियों के संरक्षण के आधार पर रेड लिस्ट को  श्रेणियां में बाटा गया है 

विलुप्त

जब कभी किसी प्रजाति की लास्ट सदस्य की मृत्यु हो जाए और हां हमें कंफर्म पता चले की इसके बाद इसकी कोई भी संख्या नहीं बाकी है तो इसे विलुप्त की श्रेणी में रखा जाता है

विलुप्त -extinct ex

जब किसी प्रजाति का कोई भी सदस्य प्राकृतिक और कृतिमनवास में पूरी तरह से समाप्त हो गया हो तब उसे विलुप्त खाकहा जाता है

जैसे –

वन्य जीवन में विलुप्त- extinct in the wild EW

 जब कोई प्रजाति अपने वास्तविक रहवासी क्षेत्र से विलुप्त हो जाए और जिसको नेशनल पार्क या सेंचुरी में रखकर उनका संरक्षण किया जाए तो उन्हें वन से विलुप्त कहा जाता है

जैसे – cheetah , indian rhinoceros

गंभीर रूप से संकटग्रस्त – critically endangered CR

जब कोई जीव जंतु अपने प्राकृतिक आवास में बहुत ज्यादा अपने जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनकी संख्या बहुत कम है और यह माना जाता है कि भविष्य में उनके आने वाले वक्त में उनकी संख्या खत्म हो जाए तो इन्हें गंभीर संकटग्रस्त सूची में डाला जाता है

जैसे – great indian bustard ,forest owlt , pink headed duck , himalayan quail

संकटग्रस्त – Endangered EN

जब किसी जीव जंतु या पौधे की अपने प्राकृतिक रहवासी क्षेत्र में संख्या दिनों दिन कम होती जा रही हो और आने वाले वक्त में लगता हो कि इनकी संख्या बहुत संकट ग्रस्त  में ना चली जाए या बहुत कम संख्या बच्चे इन्हें संकटग्रस्त श्रेणी में रखा जाता है

जैसे – ganaga dolphin red panda

निकट संकटा धीन – near threatened NT

जब कोई प्रजाति की संख्या वर्तमान में ठीक-ठाक हो लेकिन यह आशंका लगाया जाता है कि भविष्य में इनकी संख्या कम हो सकती है तब इन्हें निकट संकटा धीन  की श्रेणी में रखा जाता है

जैसे – himalayan tahar , antelope,

सुभेद्य vulnerable VU

जिस प्रजाति की संख्या 10 वर्षो में 50 % से ज्यादा की कमी हुई हो और प्रजाइयो की संख्या 10000 से काम हो

जैसे – fishing cat ,indian bison , olive ridley sea turtle, dugong ,sloth bear , sambar ,bear

संकट मुक्त least concern LC

इसमें वे प्रजाति शामिल है जिनको खतरे में जाने की सम्भावना न हो

जैसे – nilgai, barking dear

Iucn की red list में भारत से सुनहरा लंगूर, शेर पूँछ मेकाक, शेर, राहिनो, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसे जीव शामिल हैं 

FAQ- Red data book क्या है
1. रेड डाटा बुक क्या है?

रेड डाटा बुक एक प्रकार की सूची होती है जिसमें प्राकृतिक जीवन की सूची दी जाती है, जो संकट के दायरे में हैं और विलुप्ति की आशंका होती है। इसमें उन प्रजातियों के विवरण दिए जाते हैं जो खतरे में होने की संभावना होती है।

2. रेड डाटा बुक कौन जारी करता है?

रेड डाटा बुक का जारीकर्ता IUCN है जो विभिन्न देशों और क्षेत्रों में वन्यजीवन और प्राकृतिक जीवन के विशेषज्ञ संगठन या सरकारी अधिकारियों द्वारा चलाया जाता है।

3. पहला रेड डाटा बुक कब जारी किया गया?

पहला रेड डाटा बुक 1966 में आंग्लो-इंडियन जैव विज्ञानी पीटर स्कॉट (Peter Scott) ने जारी किया था।

4. रेड डाटा बुक में कितनी कैटेगरी होती है?

रेड डाटा बुक में प्राकृतिक जीवन को 9  श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है, जिन्हें कैटेगरीज कहते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं विलुप्तिग्रस्त, गंभीरता में विलुप्ति के खतरे, अत्यंत खतरे में और नवीन प्राकृतिक जीवन।

5. ग्रीन बुक क्या है?

ग्रीन बुक एक प्रकार की सूची होती है जिसमें प्राकृतिक वन्यजीवन और वनस्पतियों के लिए सुरक्षित क्षेत्रों का विवरण दिया जाता है। यह सूची उन क्षेत्रों को शामिल करती है जो विभिन्न प्राकृतिक पेड़ पौधे जानवरों और वनस्पतियों के लिए संरक्षण और प्रबंधन का महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं।

6. रेड डाटा बुक का मुख्यालय कहाँ है?

रेड डाटा बुक को IUCN द्वारा जारी किया जाता हसी इसका  का मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया के  ग्लैंड में है 

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