प्रकाश का प्रकिर्णन क्या है | रैले का प्रकीर्णन नियम |

प्रकाश का प्रकिर्णन क्या है

जब प्रकाश किरण सूर्य से पृथ्वी की ओर आती है तब पृथ्वी के वायु मण्डल में प्रवेश करने के बाद प्रकाश किरणों के मार्ग में आने वाले छोटे-छोटे कणों से इंटरेक्शन कर बिखर जाता है प्रकाश की यह घटना प्रकाश का प्रकिर्णन कहलाता है

प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ही आकाश का रंग नीला दिखाई देता है इसके अलावा जब सूर्य पूर्व दिशा की ओर उगता है और पश्चिम की ओर डूबता  है तब उस वक्त सूर्य के आसपास लालिमा छा जाती है यह सब  घटनाएं प्रकाश का प्रकीर्णन कहलाती है

प्रकाश की प्रकीर्णन की घटना दो प्रकार का होता है प्रत्यास्थ प्रकीर्णन और अप्रत्यास्थ प्रकीर्णन

प्रत्यास्थ प्रकीर्णन

जब सूर्य प्रकाश का प्रकीर्णन ऐसी कणों के द्वारा होता है जिनका तरंगदैर्ध्य प्रकाश की तरंग दैर्ध्य से कम होता है

 अप्रत्यास्थ प्रकीर्णन

जब सूर्य प्रकाश का प्रकीर्णन  ऐसी कणो से होता है जिनका तरंगदैर्ध्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य से अधिक होता है

रैले का प्रकीर्णन नियम

रैले एक वैज्ञानिक थी जिन्होंने प्रकाश के प्रकीर्णन पर विस्तृत रूप से अध्ययन किया और आगे जाकर एक नियम बनाया जिसे रैले का प्रकीर्णन नियम कहा जाता है

जब किसी प्रकाश का प्रकीर्णन होता है तब किसी विशेष तरंग दैर्ध्य की प्रकाश की तीव्रता उसके तरंगदैर्ध्य के चतुर्थ घात की व्यूतक्रमानुपाति होता है

इस नियम से पता चलता है की कम तरंग दैर्ध्य वाले प्रकाश का प्रकीर्णन ज्यादा होता है

प्रकाश के प्रकीर्णन का उदाहरण

आकाश का नीला दिखाई देना

जब सूर्य प्रकाश वायुमंडल में प्रवेश करता है तो तब सूर्य प्रकाश में उपस्थित नीले रंग का तरंग दैर्ध्य कम होता है इस कारण नीले रंग का प्रकीर्णन अधिक होता है जिसकी वजह से आकाश का रंग नीला दिखाई देता है

अंतरिक्ष का काला दिखाई देना

अंतरिक्ष में वायुमंडल की अनुपस्थिति होती है इसके कारण प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं हो पाता इस वजह से अंतरिक्ष हमेशा काला दिखाई देता है

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय लाल रंग का दिखाई देना

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय प्रकाश की किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने के लिए वक्त लगता है इसी कारण कम तरंग दैर्ध्य वाले प्रकाश का पूरी तरह से प्रकीर्णन हो जाता है जबकि अधिक तरंग दैर्ध्य वाले प्रकाश का पूरा प्रकीर्णन नहीं हो पाता इस कारण सूर्योदय और सूर्यास्त के समय लाल रंग अधिक दिखाई देता है वह भी सिर्फ सूर्य की आस पास

खतरे के सिग्नल लाल रंग का होना

लाल रंग का तरंगदैर्ध्य बहुत ज्यादा होता है जिसकी वजह से इसका प्रकीर्णन बहुत कम होता है इस कारण इसे बहुत दूर से भी  देखा जा सकता है इस कारण खतरे का सिग्नल लाल रंग का बनाया जाता है

आकाश का दिन के समय नीला दिखाई देना

सूर्यास्त और सूर्योदय के वक्त आस पास लालिमा दिखाई देना 

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