पृथ्वी की आतंरिक संरचना कैसी है |  Internal structure of the earth in hindi

पृथ्वी की आतंरिक संरचना कैसी है 

पृथ्वी कई परतो से बनी हुई  है जिसमे ऊपरी परत से अंदर- crode की ओर जाने पर कई प्रकार की संरचनाएं दिखाई देती है

 पृथ्वी के आंतरिक स्वरूप के बारे मे कई विद्वानों -स्वेस, डेली, जैफ्रे, आर्थहोम्स, वान्डर ग्राट, गुटेनबर्ग एवं मोहरोविसीस ने अपने विचार रखे।

पृथ्वी के आंतरिक भाग के बारे में हमें जानकारी -ज्वालामुखी उद्भेदन  एवं भूकंप के बाद उत्पन्न स्थलरूपों के अवलोकन से जानकारी वैज्ञानिकों को मिली 

 वैज्ञानिकों के द्वारा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर  पृथ्वी के आंतरिक भाग को समझने मे आसानी हुई

आमतौर पर पृथ्वी को पूरी तरह गोल समझा जाता है किंतु इसकी वास्तविक स्थिति हम देखे हैं तब हमें ज्ञात होता है पृथ्वी पूरी तरह गोल नहीं है दोनों ध्रुव में पृथ्वी थोड़ी सी पिचकी  हुई है और इसकी बाकी अंग भी समान नहीं है इसे आप एक गोल मिट्टी की ढेले के समान मान सकते

पृथ्वी जैसे हमें दिखाई देती है वैसे इसकी संरचना इतनी आसान नहीं है जब हम भूगोल में पृथ्वी की संरचना के बारे में जानते हैं तब हमें पृथ्वी की संरचना के बारे में कई सारे चीजें पता चलती है इस पोस्ट पर हम जानेंगे कि पृथ्वी की संरचना कैसी हुई है और इसकी विशेषताएं क्या है

पृथ्वी की आंतरिक संरचना को कितने परतो में बांटा गया है

सामान्य तौर पर पृथ्वी की आंतरिक संरचना को तीन भागों में बांटा गया है जिसने पहला आता है भूपर्पटी जो सबसे बाहरी आवरण है इसके बाद मेटल आता है जो भूपर्पटी की बाद की आवरण है और अंत में crode आता है जोकि पृथ्वी के बिल्कुल मध्य में पाया जाता है और यह पूरी तरह से magma से भरा होता है चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं

भूपर्पटी

यह पृथ्वी का सबसे बाहरी आवरण है जो पूरी तरह से छोटी-छोटी  से बनी हुई है भूपर्पटी की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें मिट्टी ऊपरी परत जिसे हम होराइजन कहते हैं, पाया जाता है

 भूपर्पटी में  होराइजन A B E O प्रकार मे पाया पाया जाता है भूपर्पटी में होराइजन का सबसे ऊपरी परत A को ही humas कहा जाता है

जो पेड़ पौधों के लिए आवश्यक होता है 

 मेटल

पृथ्वी की ऊपरी परत के बाद जो अगला पर आता है उसे मेटल कहा जाता है मीटर की गहराई 2900 किलोमीटर तक होता है आप जब कहीं पर खुदी हुई मिट्टी देखेंगे तब वहां  भूपर्पटी की ही मिट्टी दिखाई देगी क्योंकि मनुष्य द्वारा आज तक बहुत ज्यादा गहरा खुदाई नहीं किया है और जो मिट्टी हमें प्राप्त होती है वह भूपर्पटी से प्राप्त होती है

 इसलिए मेटल में किस प्रकार की soil सरचना पाई जाती है इसके बारे में हमें सामान्य तौर पर जानकारी नहीं मिलती किंतु जब कभी हमारे आसपास ज्वालामुखी पर्वत हो और ज्वालामुखी पर्वत से जब लावा निकलता है और लावा निकलने के बाद जब वह अलावा ठंडा हो जाता है तब

 हमें पता चलता है कि पृथ्वी के गर्भ में किस प्रकार की संरचना युक्त मिट्टी पाई जाती है और इसी वक्त की मेटल में पाई जाने वाली मिट्टी के बारे में भी पता चलता है

इसके अतिरिक्त भूकंप के कारण जब अंदर की मिट्टी बाहर आती है तब भी हमें आंतरिक संरचना के बारे मे पता लगती है 

क्रोड

इसे पृथ्वी का सबसे आंतरिक परत कहा जाता है जब हम पृथ्वी की त्रिज्या 3500 किलोमीटर पर जाते हैं तब हमें crode मिलता है

क्रोड़ पूरी तरह से द्रव अवस्था में पाया जाता है इसमें लोहा और निकिल की मात्रा पाई जाती है और इसे नीफें कहा जाता है

जब कभी भी ज्वालामुखी द्वारा लावा का उदगार होता है तब लावा इसी क्रोड़ से निकलती है और पृथ्वी की मेटल और भूपर्पटी से होते हुए पहाड़ जैसी संरचना बनाकर बाहर आती है

बाहर निकला लावा जब ठंडा होता है तब उस लावे से प्राप्त संरचना ने कई प्रकार की धात्विक और अधात्विक खनिज पाए जाते हैं इसके अलावा कई प्रकार के शैल समूह भी बनते हैं जिसमें ग्रेफाइट संगमरमर clay और काली मिट्टी की अच्छी खासी क्वांटिटी पाई जाती है जो इलाका मैग्मा के ठंडा होने से बनते हैं वह स्थान बहुत ही उपजाऊ होता है फसलों के लिए इसके अतिरिक्त ऐसे स्थानों में कोयला भी अधिक मात्रा में पाया जाता है

पृथ्वी की आतंरिक संरचना कि अन्य जानकारी 

  • पृथ्वी का औसत घनत्व 5.5 है। 
  • तापमान – पृथ्वी के भूपर्पटी का औसत तापमान 50° सेल्सियस माना जाता है जबकि गहराई के साथ  तापमान बढ़ती जाती है ।
  •  वैज्ञानिकों के अनुसार 32 मीटर की गहराई पर तापमान 1° सेल्सियस  बढ़ जाता है।
  •  पृथ्वी के क्रोड का तापमान 6000° सेल्सियस माना जाता है।
  • दबाव – धरातल से 2 किलोमीटर की अंदर की गहराई पर प्रति 10 वर्ग डेसी मीटर पर 200/ क्विण्टल भार होता है 

Conclusion – पृथ्वी की आतंरिक संरचना

तो दोस्तों इस पोस्ट पर हमने आपको पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में विस्तार से बताने की कोशिश की है

 जिसमें अपने जाना कि पृथ्वी की आंतरिक परत को तीन भागों में बांटा गया है जिसे हम भूपर्पटी मेन्टल और क्रोड़ के नाम से जानते हैं

पृथ्वी के ऊपर से नीचे जाने के क्रम में पहले भूपर्पटी आती है उसके बाद मेन्टल आती है और अंत में पृथ्वी के अंदर क्रोड़ होता है

CRODE के अंदर मैग्मा भरा होता है जिसमें द्रव अवस्था में लोहा और निखिल की मात्रा पाई जाती है. पृथ्वी जैसे बाहर से दिखाई देती है वैसे इसकी आंतरिक सरंचना बिल्कुल अलग है पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में हमें ज्वालामुखी से  निकलने वाले लावा और और भूकंप के जरिए पृथ्वी की आंतरिक परत का बाहर आ जाने से आतंरिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है

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