मनुष्य का उत्सर्जन तंत्र

मनुष्य का उत्सर्जन तंत्र

सभी जीवो की तरह मनुष्य में भी उत्सर्जन तंत्र पाया जाता है लेकिन मनुष्य का उत्सर्जन तंत्र बहुत विकसित प्रकार का होता है इसमें शरीर के बहुत सारे अंग शामिल होते हैं

उत्सर्जन तंत्र क्या है

सरीर से फालतू पदार्थो को बाहर निकलना उत्सर्जन कहलाता है और उत्सर्जन में शामिल विभिन्न अंग उत्सर्जन तंत्र कहलाते है

मनुष्य का उत्सर्जन तंत्र में शामिल अंगों के नाम

किडनी, एक जोड़ी मूत्र वाहिका, मूत्राशय और मूत्र मार्ग

आइए विस्तार से इनके बारे में जानते हैं

किडनी

किडनी को हिंदी में वृक कहा जाता है इसे शरीर का छनन केंद्र भी कहा जाता है इसमें एक मुख्य अंग पाया जाता है जिसे बोमन संपुट कहा जाता है,इस बोमन संपुट द्वारा ही शरीर में संपूर्ण द्रव्य पदार्थ का छनन का काम करवाया जाता है

यह उदर गुहा में कमर के पास कशेरुक  दंड के पीछे दो सेम की जैसी संरचना वाला अंग है जो हल्का भूरा होता है इसमें रिनल धमनी और रिनल सिरा पाया जाता है

एक जोड़ी मूत्र वाहिका

दोनों वृक से 1-1 मूत्र वाहिका  मूत्राशय में खुलती है इस मूत्र वाहिका  की लंबाई 25 से 30 सेंटीमीटर होता है

मूत्राशय

दोनों वृक से निकलने वाली एक -एक मूत्र वाहिका मूत्राशय में खुलती है मुत्र एक थैली के सामान रचना होती है जिसमें मूत्र इकट्ठा होता है 

मूत्र मार्ग

जब मूत्र थैली पूरी तरह मूत्र से भर जाता है है तब यह मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाता है

Conclusion -मनुष्य का उत्सर्जन तंत्र

इस पोस्ट पर हमने आपको बताया कि मनुष्य का पाचन तंत्र कैसा होता है इस उत्सर्जन तंत्र में मुख्य अंग किडनी, एक जोड़ी मूत्र वाहिका, मूत्राशय और मूत्र मार्ग शामिल होते हैं जोकि मनुष्य के उत्सर्जन तंत्र का मुख्य हिस्सा होते हैं

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