यूग्लीना क्या है | यूग्लीना-संरचना, लक्छण, प्रजनन

यूग्लीना क्या है

यूग्लीना एक प्रकार का मुक्त जीवी है जो जो पेड़- पौधों और जीव जंतु दोनों की तरह अपना जीवन यापन करता है ,इसके लक्षण ऐसे हैं कि इसे बाकी जीवो से अलग बनाते हैं यह हमेशा मीठे पानी की जल के गड्ढे,तालाबों,झीलो की गीली मिट्टी में पाए जाते हैं

यूग्लीना के लक्षण

  • यह  यूग्लीना फाइट समुदाय के सूक्ष्म जीव होते हैं जो एक कोशिय  होते हैं इनमें कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती है लेकिन प्रोटीन की एक पतली झिल्ली द्वारा घिरी होती है, इसे पेलीकल कहा जाता है
  • जब सूर्य प्रकाश की  उपस्थिति में भोजन बनाती है तब स्वपोषी जैसे व्यवहार करती है और जब सूर्य प्रकाश की उपस्थिति नहीं होती तब यह दूसरे जीवो को भोजन बनाती है तब इसे विषमपोषी कहा जाता है
  • इनमें स्वपोषी होने के मुख्य कारण है कि इस में क्लोरोफिल पाया जाता है जिसमें क्लोरोफिल ए बी beta-carotene, leutene, estazenthene, आदि पाये जाते हैं
  • इनके अग्र  चेहरे पर एक अंग  बाहर निकलाहोता है जिसे tinsel flagellum निकलता है जिसकी आधार में  flagellum के आधार पर प्रकाश संवेदी बिंदु होते हैं
  • इसका केंद्रक mesokaryotic होता है
  • इसमें खाद्य पदार्थ को संग्रहण करने के लिए paramylum और वसा में संचित किया जाता है

यूग्लीना में प्रजनन कैसे होता है

यूग्लीना में लैंगिक जनन का अभाव होता है जिसके कारण जीवो की उत्पत्ति कोशिका विभाजन और अलैंगिक जनन द्वारा होता है

कोशिका विभाजन

इसमें कोशिका विभाजन लंबवत प्रकार का होता है जिसके द्वारा एक यूग्लीना से दो यूग्लीना का उत्पत्ति होता है

इसमें कोशिका विभाजन कशाभीकीय ( flagellum )सिरे से  होता है और अंगों का द्विगुणन होते हुए लम्बवत कोशिका विभाजन होता है 

अलैंगिक जनन

जब कभी यूग्लीना को भोजन या पानी जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है तब वह अपनी शरीर में एक कोशिका भित्ति का निर्माण करता है जो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर होता है और वैकल्पिक व्यवस्था कुछ वक्त बाद कोशिका का विकास करे एक नया यूग्लीना का निर्माण करता है

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