पलायन वेग क्या है | पृथ्वी का पलायन वेग कितना है

पलायन वेग क्या है (escape velocity in Hindi) 

वह वह न्यूनतम वेग जिस वेग से किसी वस्तु को पृथ्वी से फेंकने पर वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर की ओर चला जाए और लौट कर वापस ना आए इसे पलायन वेग कहा जाता है

दोस्तों आप सभी अगर स्पेस साइंस और रॉकेट टेक्नोलॉजी में इंटरेस्ट रखते हैं तब आपको पलायन वेग के बारे में पता होगा जिसके बारे में हमने आपको बताया कि पलायन वेग क्या है और पलायन वेग कैसे काम करता है चलीये इसके बारे में और विस्तार से आपको जानकारी देते हैं

पृथ्वी का पलायन वेग कितना है

पलायन वेग सभी ग्रहों के लिए अलग अलग होता है क्योंकि सभी ग्रहों का द्रव्यमान और गति के अनुसार से पलायन वेग निर्धारित होता है इस आधार पर पृथ्वी का पलायन वेग 

Ve =√2gR है 

होता है जहां g गुरुत्विय त्वरण को प्रदर्शित करता है इसका मान 9.8 मीटर / second² होता है

पृथ्वी का त्रिज्या R=6.4  मीटर होता है उपरोक्त सूत्र के हिसाब से पृथ्वी का पलायन वेग कमान 11.2 किलोमीटर/ सेकंड पृथ्वी का पलायन वेग प्राप्त होता है

चंद्रमा का पलायन वेग कितना है

चंद्रमा का पलायन वेग 2.38 किलोमीटर पर सेकंड होता है

पलायन वेग संबंधित अन्य जानकारी

  • हमेशा पलायन पलायन वेग कक्छिय वेग का √2 दोगुना होता है
  • यदि किसी तरह की चाल को √2 गुना बढ़ा दिया जाए तब इसकी वजह से उपग्रह अपना कक्षा छोड़ कर चला जाएगा
  • पृथ्वी पर वायुमंडल है परंतु चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है जिसका कारण पलायन वेग है पृथ्वी का पलायन वेग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड है वहीं चंद्रमा का पलायन वेग 2.4 किलोमीटर प्रति सेकंड है
  •  इस प्रकार देखा जाए तो चंद्रमा की सतह पर गैस की औसत चाल पलायन वेग से अधिक हो जाता है इसलिए चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं  पाया जाता है

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