डार्क वेब क्या है | What is Dark Web in Hindi

डार्क वेब क्या है -अगर आप इंटरनेट इंटरनेट की दुनिया से वाकिफ है तब आप डार्क वेब के बारे में जरूर जानते होंगे यह एक प्रकार का एक ऐसा deep web का हिस्सा है जहा कई प्रकार के illigal काम किये जाते हैं, जिसमे की अवैध रूप से हैकर द्वारा किसी व्यक्ति या इंस्टिट्यूट से सबंधित इनफार्मेशन,  अश्लील वीडियो , हथियारों की खरीद बिक्री इत्यादि काम किये जाते हैं,

एक रिपोर्ट के अनुसार से हमें पता चला है की डार्क वेब की दुनिया हमारी सामान्य इंटरनेट की दुनिया से बहुत बड़ा है, जोकि बहुत ही जादा खतरनाक है, और हमें यह भी पता चला है की goverment ने इन वेबसाइट को पब्लिक की पहुंच से दूर रखा है उनकी सावधानी और सुरक्छा के लिए,

अब तो आपको डार्क वेब के बारे में प्रारंभिक जानकारी मिल गई होंगी चलिए डार्क वेब क्या है और डार्क वेब से हमको  क्या खतरे हो सकते है इसके बारे में विस्तार से जानते है

डार्क वेब क्या है

डार्क वेब एक ऐसा इंटरनेट नेटवर्क है जिसे बहुत सारे सर्च इंजन  ने बंद करके रखा है या ऐसी वेबसाइट को जानबूझकर क्राल नहीं किया ऐसा इन्होंने इसलिए किया ताकि सामान्य इंसान डार्क वेब पर ना जा पाए और कई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से उसे सुरक्षित रखा जा सके एक रिपोर्ट के अनुसार यह कहा गया है कि डार्क वेब में हमारे सामान्य वेबसाइट का 90% हिस्सा समाहित है

इंटरनेट की दुनिया में डार्क वेब एक काला रूम की जैसी है जहां पर कई प्रकार की गलत काम और संदिग्ध गतिविधियां पाई जाती है पूरी दुनिया की बहुत सारी  जानकारी डार्क वेब पर उपलब्ध कराई जाती है जोकि बिक्री के लिए होती है इन वेबसाइट के जरिए से किसी व्यक्ति या किसी इंस्टिट्यूट के पर्सनल जानकारी को हैकर द्वारा डार्क वेब पर बेचा जाता है इसके अतिरिक्त , X-rated sites,हथियारों की बिक्री भी डार्क वेब में किया  जाता है

डार्क वेब tor नेटवर्क पर काम करते हैँ जिस पर किसी भी प्रकार की आईपी एड्रेस को ट्रेस कर पाना मुश्किल होता है क्योंकि यहां पर आईपी ऐड्रेस ऑथेंटिक नहीं होते और लगातार बदलते रहते हैं, tor नेटवर्क को एनोनिमस नेटवर्क (AN) भी कहा जाता है  

इस कारण अनैतिक व्यापार के लिए डार्क वेब अपराधियों की पहली पसंद होती है इसमें सेलर और कस्टमर दोनों की आईपी ऐड्रेस हाइड हो जाती है जिससे कि उन्हें पता ही नहीं चलता कि वह किस से खरीदारी कर रहे हैं और इस प्रकार की डार्क वेब में उपयोग होने वाला लेनदेन के लिए  क्रिप्टोकरंसी जैसे bitcoine इत्यादि का उपयोग होता है

इस प्रकार की वेबसाइट सर्च इंजन द्वारा हाइड करके रखा गया है इंटर पहुंचने के लिए विशेष प्रकार के सर्च इंजन की जरूरत होती है जोकि आम इंसान की तरफ से दूर है और एक बात हम विशेष तौर पर आप लोग से शेयर करना चाहते हैं आपको डार्क वेब की दुनिया से जितना हो सके दूर रहना चाहिए

डार्क वेब सामान्य नेटवर्क से कैसे अलग है

जिस प्रकार से हम इंटरनेट की दुनिया में इंटरनेट नेटवर्क की सहायता से प्रवेश करते हुए और जो हम उपयोग करते हैं उसे हम सरफेस बैड नेटवर्क कहते हैं क्योंकि इसे हर सामान्य व्यक्ति द्वारा कहीं से भी उपयोग किया जा सकता है और इस सरकेश्वर नेटवर्क सरफेस बैंक नेटवर्क देव नेटवर्क में प्रवेश करने पर हर यूजर को एक निश्चित ip-address प्रदान की जाती है

जोकि सर्फिंग के दौरान एक ही होती है जब तक की अपना सर्विस प्रोवाइडर ना बदल दे इस कारण सरफेस बेब नेटवर्क जितने भी वेबसाइट उपलब्ध होंगे वे सभी सुरक्षितहोंगे और इन्हें पापुलर सर्च इंजन जैसे गूगल सर्च याहू और बिंजसी सर्च इंजन के द्वारा आम पब्लिक के लिए उपलब्ध कराया जाता और इस प्रकार की सरफेस बेब नेटवर्क काफी सुरक्षित होती है

जहां पर किसी भी प्रकार की यूजर की जानकारी नहीं मांगी जाती कुछ अपवाद को छोड़ें जैसे ईमेल आईडी और नाम कुछ वेबसाइट द्वारा मांगी जाती है जोकि यूजर और वेबसाइट के लिए आवश्यक होती है

वही अगर हम Dark Web नेटवर्क की बात करें तब यह सरफेस बेब नेटवर्क से बहुत अलग होता है इस वेब नेटवर्क पर जाने के लिए आपको खुद की आईपी एड्रेस को छुपाने की जरूरत होती है क्योंकि डार्क वेब में उपस्थित कोई भी वेबसाइट की आईपी ऐड्रेस ऑथेंटिक नहीं होती

और हर बार यह बदलती रहती है जिसकी वजह से डार्क वेब नेटवर्क बहुत ही खतरनाक हो जाता है और इसी की वजह से डार्क देव का उपयोग इलीगल मार्केटिंग के रूप में डार्क मार्केट शुरू होता है वैसे देखा जाए तो डार्क वेब इंटरनेट पर उपस्थित डीप वेब का एक हिस्सा है

Dark Web कैसे काम करता

हमने आपको पहले ही बताया है कि इंटरनेट की दुनिया में सर्च इंजन  द्वारा  जिस इंडेक्स नहीं किया गया है वह  डार्क वेब कहलाता है

 इसके लिए डार्क वेब में इंक्रिप्शन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है जिसमें एक आईपी ऐड्रेस कई बार कनेक्ट और डिस्कनेक्ट होती है और इसके अलावा कई बार आईपी ऐड्रेस बदल भी जाती है और इन्हीं सब तकनीक की वजह से इसे डार्क वेब कहा गया है

क्योंकि इस वेब नेटवर्क पर स्थित सभी प्रकार की वेबसाइट का कोई एक निश्चित आईपी एड्रेस नहीं होता है जिसकी वजह से गवर्नमेंट कि रूल्स इन वेबसाइट  पर लागू नहीं होती इसके अलावा इन वेबसाइट में उपयोग होने वाला होस्टिंग कंपनियों की भी आईपी ऐड्रेस पब्लिकली उपलब्ध नहीं होती जिसके कारण वेब होस्टिंग कंपनी का डाटा गवर्नमेंट चेक नहीं कर पाती

जिसकी वजह से  डार्क वेब मैं उपस्थित डाटा को हटाया नहीं जा सकता और दूसरा कारण इन वेबसाइट में उपयोग होने वाला डोमेन नेम विशेष प्रकार का होता है हमने  रिसर्च के दौरान पाया कि इन वेबसाइट का वेब एक्सटेंशन. Onion प्रकार का होता है

इस प्रकार की डोमेन नेम एक्सटेंशन वाले डोमेन आम प्रकार की डोमेन नेम से बहुत अलग होते हैं जैसे आप सभी जानते हैं कि डॉट कॉम, डॉट इन,डॉट  यूके,डॉट एक्स वाई जेड, डॉट ओआरजी यह डोमेन नेम के पॉपुलर फॉर्मेट है किंतु डार्क वेब में उपयोग होने वाले डोमेन नेम onion एक्सटेंशन का उपयोग करते हैं

जिसकी वजह से हमें पता ही नहीं चलता कि इस प्रकार का  डोमेन नेम किस कंपनी द्वारा किस व्यक्ति के लिए रजिस्टर्ड किया गया है इस प्रकार देखा जाए तो aninomus प्रकार का वेब होस्टिंग और डोमेन नेम कनेक्ट होते हैं जिसका ip-address हर वक्त बदलता रहता है जिसकी वजह से गवर्नमेंट द्वारा वेबसाइट को ट्रेस करना बहुत मुश्किल होता है इस प्रकार डार्क वेब  में उपस्थित सभी प्रकार की वेबसाइट काम करते हैं

डार्क वेब का निर्माण क्यों किया गया

डार्क वेब का निर्माण किसी एक उद्देश्य के लिए नहीं किया गया था किंतु जिस प्रकार आजकल हर किसी को फ्रीडम ऑफ स्पीच,फ्रीडम ऑफ मार्केटिंग, फ्रीडम ऑफ बाय,फ्रीडम ऑफ रूल्स जैसे आजादी के पक्छधर है, इन्ही के द्वारा अपनी प्राइवेसी के लिए इसका निर्माण किया गया जिससे की goverment के सर्विलेंस से बचा जा सके

और बाद में इसका कुछ ज्यादा ही गलत तरीके से उपयोग होने लगा ऐसा कहा जाता है कि हर प्रकार की गलत गतिविधियां डार्क वेब में सम्मिलित हैं जिसकी वजह से कई प्रकार की खुफिया जानकारी डार्क वेब में उपलब्ध होते हैं जिसकी वजह से पूरी दुनिया में शांति से संबंधित खतरे हो सकते हैं और लोगों की जान भी जा सकती है

डार्क वेब ब्राउज़र क्या है

डार्क वेब ब्राउजर एक विशेष प्रकार का ब्राउज़र है जो tor टेक्नोलॉजी पर काम करता है, इसका उपयोग कर डार्क वेब मैं बस्ती उपस्थित सभी प्रकार की वेबसाइट को एक्सेस किया जा सकता है बिल्कुल खतरे से खाली नहीं है हमारा यह स्ट्रांग्ली एडवाइजर है कि आप इस प्रकार की दूर से दूर और इनका बिल्कुल उपयोग ना करें क्योंकि अगर गवर्नमेंट और सर्च इंजन नियर इंडेक्स ने किया है तब इसके पीछे जरूर कई सुरक्षा कारण होगी इन सब के बारे में हम आपको आगे बताते हैं

डार्क वेब उपयोग करने के खतरे

डार्क वेब में जितने भी वेबसाइट हैं वे किसी विशेष उद्देश्य के लिए बनाया गया है जिनमें बहुत सारे खतरे इनके बारे में विस्तार से जानते हैं

हैकर से खतरे

 डार्क वेब में बहुत सारे वेबसाइट  जिन पर बहुत सारे  है हैकर घूमते रहते हैं जिनका उद्देश्य होता है सामने वाले को फसा कर उसका डिटेल्स निकालना जिससे आपकी पर्सनल जानकारी उनके पास जा सकती है

वायरस की खतरे

डार्क वेब में मौजूद सभी वेबसाइटों में एचटीटीपीएस का उपयोग नहीं किया जाता है जिसकी वजह से इनकी वेबसाइट सिक्योर नहीं होती उनमें बहुत ज्यादा संभावना होती है कि वायरस और मलेशिया मलेशिया कंप्यूटर प्रोग्राम इन वेबसाइट पर प्रवेश करते हैं आपकी कंप्यूटर या मोबाइल पर यह वायरस और प्रोग्राम एक्टिव हो जाते हैं आपके कंप्यूटर या मोबाइल को खराब कर सकते हैं

प्राइवेसी लीक होने की खतरे

असुरक्षित वेबसाइट पर प्रवेश करने पर आपकी ip-address के जरिए से आपकी पर्सनल डीटेल्स को निकाला जा सकता है और आपकी प्राइवेसी को पब्लिक  किया जा सकता है

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