क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है | Cloud computing in hindi

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है

जब डाटा को किसी दूसरे जगह से बहुत तीव्र गति से अपने मोबाइल या कंप्यूटर में मैं लाना और उसका लाइव उपयोग करना क्लाउड कंप्यूटिंग कहलाता है

Cloud computing kya hai-समझाइए 

मान के चलो आप कोई गेम खेल रहे हैं जो  दूसरे कंप्यूटर पर होस्ट है जो  बहुत  अधिक क्षमता युक्त ग्राफिक्स कार्ड और प्रोसेसर का उपयोग करती है

तब उस गेम को आपको लाइव एक्सेस करने के लिए आपको फास्ट इंटरनेट सर्विसेज जरूरत पड़ेगी और जब आप फास्ट इंटरनेट सर्विस द्वारा गेम को अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ऑनलाइन खेल पाते हैं तब तब इसे क्लाउड कंप्यूटिंग कहा जाता है

क्लाउड computing द्वारा host कंप्यूटर की processing power और storage capicity का उपयोग किया जाता है 

क्लाउड कंप्यूटिंग सिर्फ गेमिंग में उपयोग नहीं होता बल्कि बहुत सारे डाटा स्टोरेज और लाइव डेटा उपयोग में क्लाउड कंप्यूटिंग शब्द का उपयोग किया जाता है

क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करता है

 क्लाउड कंप्यूटिंग की टेक्नोलॉजी क्या है -क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए सबसे ज्यादा जरूरी चीज होती है इंटरनेट की और यह जो इंटरनेट होगी इसकी स्पीड बहुत ज्यादा होनी चाहिए क्योंकि क्लाउड कंप्यूटिंग से REAL TIME DATA TRANSFER में स्पीड की ही वैल्यू होती है

इसमें किसी खास वेब सर्वर पर डाटा स्टोर होता है और उसे बहुत ही स्पीड से एक्सेस करने के लिए हाई स्पीड इंटरनेट और लाइव डाटा स्ट्रीमिंग की जरूरत पड़ती है

. क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग कर लाइव डाटा स्ट्रीमिंग और एडिटिंग का काम किया जाता है इस प्रकार का काम कई इंस्टीट्यूट द्वारा किया जाता है जो लाइव डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर बहुत फास्ट भेजते हैं 

तेज इंटरनेट के अलावा आपके डिवाइस की टेक्निकल कॉन्फ़िगरेशन भी अच्छी होनी चाहिए जिससे कि लाइव डाटा स्ट्रीमिंग और एडिटिंग में प्रोसेस बहुत फास्ट हो इसके लिए उच्च क्षमता युक्त प्रोसेसर और रैम का भी जरूरत पड़ता है

क्लाउड कंप्यूटिंग कहां उपयोग किया जाता है

रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा अपने लाइव रिसर्च की डाटा को शेयर करने के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग किया जाता है जिसमें डेटा को रियल टाइम पर कई व्यक्तियों द्वारा एक्सेस किया जाता है और रियल टाइम पर ही डाटा को अपलोड और एडिट कर शेयर भी किया जाता है

साइंटिस्ट द्वारा अपने टेक्निकल इन्वेंशन में किसी मशीन को लाइव कंट्रोल करना या रिमोट से ही किसी मशीन को दूसरे जगह से ऑपरेट करना जैसे कार्य क्लाउड कंप्यूटिंग से ही होते हैं

रिजर्वेशन में

आप ने कभी ना कभी रेलवे या एयरोप्लेन में सफर किये होगा जिसमे आपने अपना सीट बुक करवाया होगा ऑनलाइन ,तब इसमें होता यह है की जब आप मन चाहा सीट अपने लिए बुक करते है तब आपका इनफार्मेशन और आपके सीट का data सर्वर में सेव हो जाता है जिससे कोई दूसरा आपका सीट नहीं बुक कर सकता

इस प्रकार का रियल टाइम डाटा ट्रांसपोर्ट का काम क्लाउड कंप्यूटिंग से ही संभव है

रिसर्च में

इस प्रकार का काम साइंटिस्ट द्वारा किया जाता है जब उनके द्वारा कोई खोज या अविष्कार किया जा रहा हो तब एक ही डाटा अपने ग्रुप में सभी शेयर करते है जो बहुत फ़ास्ट होता जो उनके रिसर्च के लिए आवश्यक होता है

वीडियो गेमिंग में

में आजकल बहुत सारे ऐसे प्लेटफार्म है जो आपको लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग करवाते हैं वीडियो गेम का मेन सोर्स किसी क्लाउड सरवर पर host होता है

 उस डाटा को रियल टाइम डाटा द्वारा यूजर को शेयर किया जाता है जिससे कई यूज़र एक साथ मिलकर या अकेले-अकेले भी किसी वीडियो गेम ऑनलाइन खेल सकते हैं जिसमें पूरा डाटा ही दूसरे होस्ट पर स्टोर होता है और इंटरनेट की सहायता से उसे एक्सेस कर लाइव टाइम में रियल डाटा प्रोसेस कर host को इंस्ट्रक्शन दिया जाता है

जैसे कि आप कोई गेम खेल रहे हैं जैसे battel ground वगैरा इसमें आप जब अपने मोबाइल से  ऑनलाइन लॉगइन कर इंटरनेट की सहायता से लाइव गेमिंग करते हैं

 तब जब आप किसी ऑब्जेक्ट को सूट करते हैं तब शूट करने के बाद वह जो डाटा होगा वह रियल टाइम में आपके कंप्यूटर मोबाइल और होस्ट के बीच डाटा ट्रांसफर होता रहता है

 जिससे कि बिना किसी LAG के साथ GAMING का आनंद उठाया जा सकता है क्लाउड कंप्यूटिंग का यह यह सबसे अच्छा उदाहरण है

 क्लाउड कंप्यूटिंग के लाभ

  • Data को speed के साथ उपयोग किया जाता है
  • समय की बचत  होती है
  • टेलीमेडिसिन जैसे काम किया जाता है
  • यूजर कही भी रह कर इंटरनेट की सहायता से host server से connect हो सकता है

क्लाउड कंप्यूटिंग की हानि

  • इंटरनेट की सही speed नहीं होने से काम रुक जाता है
  • High end कंप्यूटर और नेटवर्क की जरुरत हमेसा होती है
  • क्लाउड कंप्यूटिंग थोड़ी महगी है

और भी पढ़े >

Share this

Leave a Comment

Don`t copy text!