C3 चक्र क्या है | केल्विन चक्र की क्रियाविधि | C3 CYCLE in hindi

अक्सर प्रकाशीय अभिक्रिया में  “C3 चक्र क्या है ” की चर्चा की जाती है इस संबंध में जानकारी के लिए आपको, हमारी इस पोस्ट पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है

C3 चक्र क्या है ( केल्विन चक्र )

केल्विन बेनसन और बाशम के द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड ऑक्साइड की  इस विधि का वर्णन किया गया था इस विधि में प्रथम स्थाई यौगिक फास्फोग्लिसीरिक ग अम्ल प्राप्त होता है जिसमें तीन कार्बन होते हैं जिस कारण इस चक्र को C3 चक्र कहा जाता है और जिस पौधे में या चक्र पाया जाता है उसे C3 पौधे ( C3 प्लान्ट्स क्या है )कहते हैं ,केल्विन के योगदान के लिए इसे केल्विन चक्र भी कहा जाता है

केल्विन के द्वारा C3 चक्र का अध्ययन करने के लिए शैवालो का उपयोग किया गया था जिसमें क्लोरेला और scenedesmus का उपयोग किया गया उन्होंने माध्यमिक उत्पादों की पहचान के लिए रेडियो ट्रेसर तकनीक को अपनाया उनके द्वारा C3 चक्र को दो निरीक्षण के आधार पर प्रस्तुत किया गया

जब प्रकाश संश्लेषण करने वाले पौधों को कम मात्रा में प्रकाश मिलता है तब इनमें PGA  की मात्रा बढ़ जाती है जबकि RuDP की मात्रा कम हो जाती है

जब पौधे के द्वारा प्रकाश संश्लेषण की जा रही होती है तब यदि उन्हें कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा काम प्राप्त होती है तब RuDP की मात्रा में वृद्धि हो जाती है जबकि PGA की मात्रा कम हो जाती है

प्रथम  निरीक्षण के दौरान

 प्रकाश की अनुपस्थिति में NADPH + H*  एवं एटीपी का निर्माण नहीं होता है

NADPH + H* एवं ATP, PGA के रूपनांतरण के लिए अति आवश्यक है  इसलिए PGA की मात्रा कम हो जाती है 

द्वितीय निरीक्षण के दौरान

कार्बन डाइऑक्साइड की अनुपस्थिति के कारण RDP का PGA में परिवर्तन नहीं हो पता है परंतु पहले की क्रिया के दौरान उपस्थित PGA ही ATP एवं NADPH + H* की सहायता से RuDP में परिवर्तित हो जाता है

केल्विन चक्र की क्रियाविधि

केल्विन चक्र की प्रक्रिया में केल्विन चक्र कई चरणों में पूर्ण होती है जिसमें

  • कार्बनिकरण
  • अपचयन
  • हेक्सोस शर्करा का निर्माण
  • राइबोलोज 5 poshphate का पुनः निर्माण

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