एग्रोफोरेस्ट्री क्या है | एग्रोफोरेस्ट्री – परिभाषा, उद्देश्य ,लाभ

एग्रोफोरेस्ट्री क्या है-पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए  कृषक और पर्यावरणविद   द्वारा प्रयोग किया गया एक नया प्रकार का खेती का आविष्कार किया गया है इसे एग्रोफोरेस्ट्री कहा गया है, इस प्रकार की खेती में कृषि और वन्य की गतिविधि को आपस में मिला दिया गया है

इस प्रकार इसे एग्रोफोरेस्ट्री कहा जाता है इस विधि में खेती के साथ-साथ ही पेड़ पौधों को भी उगाया जाता है जिसकी वजह से पर्यावरण पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है एग्रोफोरेस्ट्री को हिंदी में कृषि वानिकी कहा जाता है आइए इस पोस्ट पर हम आपको बताएंगे कि एग्रोफोरेस्ट्री क्या है और एग्रोफोरेस्ट्री कैसे की जाती है

एग्रोफोरेस्ट्री क्या है

जब कृषक द्वारा फसलों के साथ-साथ पेड़ पौधों को भी फार्म के किनारे लगाया जाता है तब इस प्रकार की की गई खेती एग्रोफोरेस्ट्री कहलाती है इसे हिंदी में कृषि वानिकी भी कहा जाता है इस प्रकार फसलों के साथ पेड़ पौधे लगाने की वजह से हमारे पर्यावरण पर इसका बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है

जिसकी वजह से वनावरण बढ़ता है और पर्यावरण को साफ रखने में पेड़ पौधों की संख्या बढ़ती है इसके अलावा हमें पेड़ पौधों के द्वारा इमारती लकड़ी और जलाऊं  लकड़ी के अलावा पेड़ पौधों से फल भी प्राप्त होती हैं जिससे हमारी आर्थिक स्थिति सुधरती है एग्रोफोरेस्ट्री का उद्देश्य ही बहुत सकारात्मक दृष्टिकोण से बनाया गया है

इस प्रकार की कृषि पद्धति में सभी फसलों की प्रबंधन जैसे सिंचाई ,उर्वरक ,खरपतवार और कीट नियंत्रण एक साथ किया जाता है जिसमें किसी एक फसल को लेकर कृषि पद्धती  नही  की जाती है इस सामूहिक कृषि पद्धति में सभी पेड़ पौधे और फसल शामिल होते हैं जिससे वक्त और लागत की कमी आती है

 कृषि वानिकी की परिभाषा

कृषि की ऐसी भूमि उपयोग प्रणाली जिसमें लाभदायक वृक्षों के साथ-साथ विभिन्न ऋतुए में उगने वाले फसलों को भी साथ में उगाया जाए

एग्रोफोरेस्ट्री के उद्देश्य

एग्रोफोरेस्ट्री का उद्देश्य खेती और वनस्पति विविधता के साथ चुस्त विकास को संभव बनाना है। इसका मुख्य उद्देश्य है पौधों की खेती को अधिक सतत बनाने के लिए लकड़ी, बर्फीले इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों को सहेजने व उपयोग करने के लिए प्रेरित करना। इसके अलावा, यह वैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक लाभों को वृद्धि देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से भी निपटने में भी मदद करता है।एग्रोफोरेस्ट्री के उद्देश्य निम्न है

  1. वनस्पति विविधता को बढ़ावा देना।
  2. उत्पादकता को वृद्धि देना।
  3. स्थायी खेती का समर्थन करना।
  4. कारोबार और सामुदायिक विकास का समर्थन करना।
  5. उत्पादों की विविधता बढ़ाना।
  6. वनस्पतियों द्वारा जल, हवा और मृदा की संरक्छण करना।
  7. कृषि उत्पादों के लिए अधिक बाजार और कारोबार के अवसर प्रदान करना।
  8. स्थानीय संसाधनों के संरक्षण का समर्थन करना।
  9. समुदायों में अधिक समन्वय और सहयोग विकसित करना।
  10. जीवाश्म ईंधन,खाद उपयोग और खाद आयात की आवश्यकता कम करना
  11. वनस्पति विविधता को संरक्षित रखने में मदद करना
  12. जल विनिर्माण और जल संचय की संभावनाएं बढ़ाना
  13. किसानो  और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का साधन भी उत्पन्न करना

एग्रोफोरेस्ट्री के लाभ

एग्रोफोरेस्ट्री के लाभ कुछ इस प्रकार हैं:

  • जलवायु संबंधी संकट से निपटने में सहायता:- एग्रोफोरेस्ट्री से पैदा होने वाले वनस्पति विविधता जलवायु संबंधी संकटों से निपटने में सहायता करती है।
  • फसल उत्पादकता में वृद्धि:- एग्रोफोरेस्ट्री से पैदा होने वाली फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होती है।
  • सही तरीके से भूमि का उपयोग:- एग्रोफोरेस्ट्री में वनस्पति विविधता को बढ़ावा देने से सही तरीके से भूमि का उपयोग किया जाता है जिससे भूमि का समुचित विकास विकास होता है और मृदा उत्पादकता बढ़ती  है।
  • प्रदूषण को कम करना: -एग्रोफोरेस्ट्री से पैदा होने वाली वनस्पति विविधता वातावरण मे उपस्थित प्रदूषण को कम करने में सहायता करती है।
  • सामाजिक और आर्थिक लाभ: -एग्रोफोरेस्ट्री से उत्पन्न लकड़ी, जड़ें और अन्य उत्पादों से अतिरिक्त सामाजिक और आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
  • संरक्षण और पुनर्वास का बढ़ावा:- एग्रोफोरेस्ट्री की मदद से वनस्पति विविधता बढ़ती है

conclusion – एग्रोफोरेस्ट्री क्या है

एग्रोफोरेस्ट्री एक नया कृषि विज्ञान है जो वनस्पति विविधता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए वनस्पतियों की उन्नत व्यवस्था के साथ कृषि उत्पादन की व्यवस्था काइंटीग्रेशन है। यह एक ऐसी विधि है जिसमें कृषि और वनस्पति दोनी को एक साथ कर के लोगों को खाद्य, फसल, लकड़ी, और अन्य उत्पादों प्रदान करता है

एग्रोफोरेस्ट्री से जल और मृदा की संरक्षण, स्थायी खेती का समर्थन, उत्पादकता में वृद्धि, कारोबार का विकास और सामुदायिक विकास। इसके अलावा, एग्रोफोरेस्ट्री में प्रयोग किए जाने वाले पौधों और पेड़ों से निकलने वाले उत्पादों के लिए अधिक बाजार और कारोबार के अवसर प्राप्त होते हैं।

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