अम्ल वर्षा क्या है

अम्ल वर्षा क्या है

जब विभिन्न प्रकार के पदार्थ को जब जलाया जाता है तब कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है यह कार्बन डाइऑक्साइड गैस वातावरण की सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड के साथ जब क्रिया करती है तब  तनु सल्फीयूरिक अम्ल और तनु नाइट्रिक अम्ल का निर्माण करती है और यही अम्ल जब वर्षा के जल के साथ मिल जाती है तब अम्ल वर्षा होती है

अम्ल वर्षा की खोज सबसे पहले किसने की

अम्ल वर्षा की खोज रॉबर्ट एंगस स्मिथ नामक व्यक्ति ने की थी। 

अम्ल वर्षा के हानिकारक प्रभाव

  • अम्ल वर्षा के कारण बिल्डिंग की प्लास्टर पर दरार पड़ने लगता है जिससे कि बिल्डिंग को बहुत नुकसान होता है 
  • मृदा की प्राकृतिक गुण को प्रभावित करती है जिससे कि मिट्टी और भी अम्लीय हो जाती है जो पेड़ पौधों को प्रभावित करती है
  • इससे कई प्रकार के पेड़ पौधों में उनके भोजन निर्माण और प्रकाश संश्लेषण की दर प्रभावित होती है
  • इससे कई प्रकार के प्रभाव,छोटे बड़े जीव जंतुओं पर दिखाई देते हैं

अम्ल वर्षा से कैसे बचे

  • अम्ल वर्षा से बचने के लिए सबसे मुख्य कारण है वायु को प्रदूषित होना,इसके लिए हमें कोशिश करनी चाहिए कि कम से कम मात्रा में वायु प्रदूषित हो इसके लिए हमें ऐसे  युक्ति का उपयोग करना चाहिए जिससे कि वायु प्रदूषण ना के बराबर हो जैसे कि थर्मल पावर प्लांट के उपयोग को बंद करना चाहिए क्योंकि इससे वायु प्रदूषित होती है
  • इसके अलावा बहुत सारे कल कारखाने भी अधिक मात्रा में पोलुशन उत्पन्न करते हैं, तब उन्हें नियंत्रित करने के लिए एक तरीका है कि उन्हें यह कहा जाए कि वे अपनी फैक्ट्रियां के अगल-बगल बहुत सारे पेड़ पौधे लगाए हैं जिससे कि दूषित वायु को पेड़ सुख ले
  • आम लोगों को पेड़ पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए
  • सोशल फॉरेस्ट्री और जॉइन फॉरेस्ट्री जैसे क्रियाकलापों से लोगों में वन संपदा के प्रति जानकारी बढ़ेगी इसे अपनाने के लिए बाध्य करना होगा
  • air ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जानी चाहिए जिससे कि प्रदूषित वायु को दोबारा उपचार कर प्रकृति की अनुकूल बनाया जाना चाहिए

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